छत्तीसगढ़

CG: खान सर से मिले छत्तीसगढ़ के 2 युवक

Shantanu Roy
31 March 2026 10:06 PM IST
CG: खान सर से मिले छत्तीसगढ़ के 2 युवक
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छग
Balrampur. बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के दो युवाओं, दीपक यादव और सूर्य यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक यात्रा पूरी की। यह यात्रा उन्होंने प्रसिद्ध शिक्षक खान सर से मिलने के लिए की, जहां उनकी मुलाकात काफी सकारात्मक और उत्साहवर्धक रही। गाँव टाँगरमहरी के निवासी दीपक यादव (23) और बलरामपुर के वार्ड नंबर 4 के सूर्य यादव (21) ने यह कठिन यात्रा नौ दिनों में पूरी की। इस दौरान सूर्य यादव ने साइकिल से सफर किया, जबकि दीपक यादव ने अपने कंधे पर
कांवड़
लेकर चलने का साहसिक निर्णय लिया। कांवड़ में उन्होंने लगभग पांच- पांच किलो धान और चावल रखा था। दीपक ने बताया कि छत्तीसगढ़ को 'धान का कटोरा' कहा जाता है, इसलिए वे अपने राज्य की सांस्कृतिक पहचान को इस यात्रा के माध्यम से दर्शाना चाहते थे। यात्रा का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जागरूक करना और उन्हें उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित करना था। दोनों युवाओं ने विशेष रूप से आदिवासी बच्चों को सही दिशा और मार्गदर्शन देने पर जोर दिया। बलरामपुर-रामानुजगंज क्षेत्र आदिवासी बहुल है और यहाँ शिक्षा का स्तर अभी सुधार की आवश्यकता रखता है।

दीपक और सूर्य का मानना है कि बच्चों को सही मार्गदर्शन मिले तो वे भी बड़े संस्थानों में पढ़ाई कर अपने भविष्य को उज्जवल बना सकते हैं। यात्रा के दौरान दोनों युवाओं ने कई कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन उनका साहस और समर्पण सभी बाधाओं को पार कर गया। उन्होंने बताया कि समाज में शिक्षा के महत्व को समझाने के लिए यह कदम बेहद जरूरी था। दोनों ने कहा कि उनकी मुलाकात खान सर से बहुत प्रेरणादायक रही और इससे उन्हें समाज और शिक्षा के क्षेत्र में आगे काम करने की प्रेरणा मिली। इस यात्रा को स्थानीय लोग भी प्रेरणादायक मान रहे हैं। युवाओं का यह कदम अन्य युवा पीढ़ी के लिए भी उदाहरण बन गया है कि यदि संकल्प और लगन मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। दीपक और सूर्य की यह साइकिल-कांवड़ यात्रा साहस, समर्पण और सामाजिक जागरूकता का प्रतीक बन गई है। युवाओं ने अपनी यात्रा को समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश फैलाने और बच्चों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए रुचि बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उनका यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसरों और सोच को बढ़ावा देने वाला है। इस पहल से यह संदेश मिलता है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज में शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। दीपक और सूर्य यादव की यह यात्रा न केवल साहस और समर्पण का उदाहरण है, बल्कि अन्य युवाओं को भी प्रेरित करती है कि वे सामाजिक कार्यों में योगदान दें और शिक्षा को अपने जीवन और समाज की प्राथमिकता बनाएं।
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